तू राजा, मै महाराजा
गली संकरी है. कोई राजा उससे निकल रहा हो ओर अचानक सामने से दोड़ता हुआ सांड आ जाए... तो अब राजा क्या करेगा ? क्या यह कहेगा कि ऐ सांड !
तू हट जा .....
यह मेरी गली है....
मै यंहा का राजा हू....
तो सांड कहेगा-
"तू राजा, मै महाराजा, आ... जा.....
राजा कि समझदारी इसी में है कि या तो वह चबूतरे पर या खंभे पर चढ़ जाएगा. या पीछे हट जाएगा. दिन भर में हमें कई सांड मिलते है, पर हमें किसी से टकराना नहीं है क्यों कि टकराव बिखराव का कारण है.
मुनिश्री तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन 1-4

