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कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक- उसका आयुर्वेदिक इलाज

Posted: 23 जुलाई 2022

ये याद रखिये की भारत मैं सबसे ज्यादा मौते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं।

आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे।

अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों (heart patients) को अरबों की दवाई बेच रही हैं !

लेकिन अगर आपको कोई तकलीफ हुई तो डॉक्टर कहेगा angioplasty (एन्जीओप्लास्टी) करवाओ।

इस ऑपरेशन मे डॉक्टर दिल की नली में एक spring डालते हैं जिसे stent कहते हैं।

यह stent अमेरिका में बनता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डॉलर (रू.150-180) है।

इसी stent को भारत मे लाकर 3-5 लाख रूपए मे बेचा जाता है व आपको लूटा जाता है। 

डॉक्टरों को लाखों रूपए का commission मिलता है इसलिए व आपसे बार बार कहता है कि angioplasty करवाओ।

Cholestrol, BP ya heart attack आने की मुख्य वजह है, Angioplasty ऑपरेशन।

यह कभी किसी का सफल नहीं होता।

क्यूँकी डॉक्टर, जो spring दिल की नली मे डालता है वह बिलकुल pen की spring की तरह होती है।

कुछ ही महीनो में उस spring की दोनों साइडों पर आगे व पीछे blockage (cholestrol व fat) जमा होना शुरू हो जाता है। 

इसके बाद फिर आता है दूसरा heart attack ( हार्ट अटैक )

डॉक्टर कहता हें फिर से angioplasty करवाओ।

आपके लाखो रूपए लुटता है और आपकी जिंदगी इसी में निकल जाती हैं।

उसका आयुर्वेदिक इलाज

अदरक (ginger juice) - 

यह खून को पतला करता है।

यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता हें।

लहसुन (garlic juice) 

इसमें मौजूद allicin तत्व cholesterol व BP को कम करता है।

वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।

नींबू (lemon juice) 

इसमें मौजूद antioxidants, vitamin C व potassium खून को साफ़ करते हैं।

ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाते हैं।

एप्पल साइडर सिरका ( apple cider vinegar) 

इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।


         इन देशी दवाओं को 

       इस तरह उपयोग में लेवें 

1-एक कप नींबू का रस लें;

2-एक कप अदरक का रस लें;  

3-एक कप लहसुन का रस लें; 

4-एक कप एप्पल का सिरका लें; 

चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें; अब आप 

उसमें 3 कप शहद मिला लें रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट लें जिससे सारी ब्लॉकेज खत्म हो जाएंगी।


जरा सोचिये की शाम के

7:25 बजे है और आप घर जा रहे है वो भी एकदम अकेले।

ऐसे में अचानक से आपके सीने में तेज दर्द होता है जो आपके हाथों से होता हुआ आपके

जबड़ो तक पहुँच जाता है।  आप अपने घर से सबसे नजदीक अस्पताल से 5 मील दूर है और दुर्भाग्यवश आपको ये नहीं समझ आ रहा की आप वहांतक पहुँच पाएंगे की नहीं। आप सीपीआर में प्रशिक्षित है मगर वहां भी आपको ये नहीं सिखाया गया की इसको खुद पर प्रयोग कैसे करे।


     ऐसे में दिल के दौरे से बचने 

            के लिए ये उपाय

चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते है बिना किसी की मदद के उन्हें सांस लेने में तकलीफ

होती है । वे बेहोश होने लगते है और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है । ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है। एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज हो की छाती से थूक निकले। जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई जाए ताकि धड्कण सामान्यहो जाए । जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती है और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिस से रक्त सञ्चालन नियमित रूप से चलता है ।


     सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है

डाक्टर नहीं बताता रोगी को पर आपके लिए जानना है आवश्यक

Posted: 14 जून 2022

 वो बातें जो डाक्टर नहीं बताता रोगी को

 पर आपके लिए जानना है आवश्यक


1. दवाइयों से डायबिटीज बढ़ती है अक्सर डायबिटीज शरीर में इंसुलिन की कमी होने से पैदा होती है। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि कुछ खास दवाईयों के असर से भी शरीर में डायबिटीज होती है। इन दवाइयों में मुख्यतया एंटी डिप्रेसेंट्स, नींद की दवाईयां, कफ सिरफ तथा बच्चों को एडीएचडी (अतिसक्रियता) के लिए दी जाने वाली दवाईयां शामिल हैं। इन्हें दिए जाने से शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है और व्यक्ति को मधुमेह का इलाज करवाना पड़ता है।

2. बिना वजह लगाई जाती है कुछ वैक्सीन वैक्सीन लोगों को किसी बीमारी से बचाव के लिए लगाई जाती है। परन्तु कुछ वैक्सीन्स ऎसी हैं जो या तो बेअसर हो चुकी है या फिर वायरस को फैलने में मदद करती है! इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को उन्नत करने के लिए योग व (ayurveda) आयुर्वेद को अपने जीवन में अपनाये जो सभी बीमारियों से बचा सकते है! 

3. कैन्सर हमेशा कैन्सर ही नहीं होता यूं तो कैन्सर स्त्री-पुरूष दोनों में किसी को भी हो सकता है लेकिन ब्रेस्ट कैन्सर की पहचान करने में अधिकांशतया डॉक्टर गलती कर जाते हैं। सामान्यतया स्तन पर हुई किसी भी गांठ को कैंसर की पहचान मान कर उसका उपचार किया जाता है जो कि बहुत से मामलों में छोटी-मोटी फुंसी ही निकलती है। उदाहरण के तौर पर हॉलीवुड अभिनेत्री ए ंजेलिना जॉली ने मात्र इस संदेह पर अपने ब्रेस्ट ऑपरेशन करके हटवा दिए थे कि उनके शरीर में कैन्सर पैदा करने वाला जीन पाया गया था।

4. दवाईयां कैंसर पैदा करती हैं ब्लड प्रेशर या रक्तचाप (बीपी) की दवाईयों से कैन्सर होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। ऎसा इसलिए होता है क्योंकि ब्लडप्रेशर की दवाईयां शरीर में कैल्सियम चैनल ब्लॉकर्स की संख्या बढ़ा देता है जिससे शरीर में कोशिकाओं के मरने की दर बढ़ जाती है और प्रतिक्रियास्वरूप कोशिकाएं बेकार होकर कैंसर की गांठ बनाने में लग जाती हैं।

5. एस्पिरीन लेने से शरीर में इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है हॉर्ट अटैक तथा ब्लड क्लॉट बनने से रोकने के लिए दी जाने वाली दवाई एस्पिरीन से शरीर में इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा लगभग 100 गुणा बढ़ जाता है। इससे शरीर के आ ंतरिक अंग कमजोर होकर उनमें रक्तस्त्राव शुरू हो जाता है। एक सर्वे में पाया गया कि एस्पिरीन डेली लेने वाले पेशेंट्स में से लगभग 10,000 लोगों को इंटरनल ब्लीडिंग का सामना करना पड़ा।

6. एक्स-रे से कैन्सर होता है आजकल हर छोटी-छोटी बात पर डॉक्टर एक्स-रे करवाने लग गए हैं। क्या आप जानते हैं कि एक्स-रे करवाने के दौरान निकली घातक रेडियोएक्टिव किरणें कैंसर पैदा करती हैं। एक मामूली एक्स-रे करवाने में शरीर को हुई हानि की भरपाई करने में कम से कम एक वर्ष का समय लगता है। ऎसे में यदि किसी को एक से अधिक बार एक्स-रे क रवाना पड़े तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। CT Scan केवल अति आवश्यक हो तब ही करवाएं ! 

7. सीने में जलन की दवाई आंतों का अल्सर साथ लाती है बहुत बार खान-पान या हवा-पानी में बदलाव होने से व्यक्ति को पेट की बीमारियां हो जाती है। इनमें से एक सीने में जलन का होना भी है जिसके लिए डॉक्टर एंटी-गैस्ट्रिक दवाईयां देते हैं। इन मेडिसीन्स से आंतों का अल्सर होने की संभावना बढ़ जाती है, साथ ही साथ हडि्डयों का क्षरण होना, शरीर में विटामिन बी12 को एब्जॉर्ब करने की क्षमता कम होना आदि बीमारियां व्यक्ति को घेर लेती हैं। सबसे दुखद बात तब होती है जब इनमें से कुछ दवाईयां बीमारी को दूर तो नहीं करती परन्तु साईड इफेक्ट अवश्य लाती हैं।

8. दवाईयों और लैब-टेस्ट से डॉक्टर्स कमाते हैं मोटा कमीशन यह अब छिपी बात नहीं रही कि डॉक्टरों की कमाई का एक मोटा हिस्सा दवाईयों के कमीशन से आता है। यहीं नहीं डॉक्टर किसी खास लेबोरेटरी में ही मेडिकल चैकअप के लिए भेजते हैं जिसमें भी उन्हें अच्छी खासी कमाई होती है। कमीशनखोरी की इस आदत के चलते डॉक्टर अक्सर जरूरत से ज्यादा मेडिसिन दे देते हैं।

9. जुकाम सही करने के लिए कोई दवाई नहीं है नाक की अंदरूनी त्वचा में सूजन आ जाने से जुकाम होता है। अभी तक मेडिकल साइंस इस बात का कोई कारण नहीं ढूंढ पाया है कि ऎसा क्यों होता है और ना ही इसका कोई कारगर इलाज ढूंढा जा सका है। डॉक्टर जुकाम होने पर एंटीबॉयोटिक्स लेने की सलाह देते हैं परन्तु कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि जुकाम 4 से 7 दिनों में अपने आप ही सही हो जाता है। जुकाम पर आपके दवाई लेने का कोई असर नहीं होता है, हां आपके शरीर को एंटीबॉयोटिक्स के साईड-इफेक्टस जरूर झेलने पड़ते हैं। जबकि आयुर्वेद में इसे कफ दोष के कारण ही माना जाता है!

 10. एंटीबॉयोटिक्स से लिवर को नुकसान होता है मेडिकल साइंस की सबसे अद्भुत खोज के रूप में सराही गई दवाएं एंटीबॉयोटिक्स हैं। एंटीबॉयोटिक्स  ने व्यक्ति की औसत उम्र बढ़ा दी है और स्वास्थ्य लाभ में अनूठा योगदान दिया है, लेकिन तस्वीर के दूसरे पक्ष के रूप में एंटीबॉयोटिक्स व्यक्ति के लीवर को डेमेज करती है। यदि लंबे समय तक एंटीबॉयोटिक्स का प्रयोग कि या जाए तो व्यक्ति की किडनी तथा लीवर बुरी तरह से प्रभावित होते हैं! 

11. अनेक डाक्टर खुद योग और देसी दवाओं से अपना और अपने परिवार का इलाज करवाते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि आयुर्वेद और योग के साइड इफ़ेक्ट नही हैं और इससे रोग भी जड़ से समाप्त होते हैं.

12. बाइपास सर्जरी जो कि हृदयघात (दिल का दौरा) के रोगियों के लिए बताई जाती है वो डाक्टर खुद अपने लिए कभी नही सोचते क्योंकि एक तो यह स्थाई इलाज नही है दूसरा इस से दौरा फिर से पड़ने के मौके कम नही होते, खुद पर ऐसी समस्या आने पर डाक्टर घिया (लौकी) का रस या अर्जुन की छाल का काढ़ा बना कर पीते हैं या रोज प्राणायाम और योग करते हैं.

उनकी तो धंधे की मजबूरी है पर आप तो बता सकते हैं ये राज़ .......


सावधानी - यह  लेख सोसियल  मीडिया  के  सभार  से  लिया गया / सिर्फ अच्छी  जानकारी  हेतु / उपयोग करते समय जांस  परख  के बाद  ही उपयोग  करे  / इसमें हमारी  कोई  जवाब देही  नहीं  रहेगी - ब्लोगकर्ता

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय

Posted:

 हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय 

अमरूद

अमरूद जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं के लिए यह और भी लाभदायक हो जाता है।

आम

आम खाने से हमारे शरीर में रक्ति अधिक मात्रा में बनता है, एनीमिया में यह लाभकारी होता है।

सेब

सेब एनीमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है।

अंगूर

अंगूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। जो शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, और हीमोग्लोबिन की कमी संबंधी बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है।

चुकन्दर

चुकन्दर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का लोह तत्व रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता के लिए बेहद प्रभावशाली है। खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में तीन गुना लौह तत्व अधिक होता है।

तुलसी

 तुलसी रक्त की कमी को कम करने के लिए रामबाण है। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

सब्जियां

 शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व ज्यादा मात्रा में पाये जाते है।

तिल

तिल हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। तिल खाने से रक्ताअल्पता की बीमारी ठीक होती है।।


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गैस की समस्या का इलाज

Posted: 13 जून 2022

 गैस की समस्या का इलाज 

 

- गैस की समस्या को दूर करने के लिए आप एक अदरक के टुकडे को देसी घी में पक लें. और फिर उस पर काला नमक डालकर खाएं इसके अलावा अदरक की चाय पीने से भी आपको एसिडिटी की प्रॉब्लम से राहत मिलती है. 

 - पका हुआ पाइनएप्पल खाएं या फिर आप इसका जूस पी एम इसकी एल्कलाइन प्रॉपर्टी गैस से तुरंत राहत दिलाने में बहुत मदद करती है. 

 - ठंडे पानी में 1 चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर घोलकर पीने से भी आपका डाइजेशन सुधर जाता है और गैस की प्रॉब्लम दूर हो जाती है. 

 - गैस की प्रॉब्लम को तुरंत दूर करने के लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच पुदीने का रस डालकर पिए इसके अलावा आप पुदीने की चाय भी पी सकते हैं. 

 - गैस की समस्या को दूर करने के लिए नारियल पानी एक बहुत बढ़िया उपाय है क्योंकि नारियल पानी पीने से आपका डाइजेशन सुधरता है और आपके पेट की तमाम तरह की प्रॉब्लम दूर हो जाती हैं और अगर गैस बन रही हो तो आप नारियल पानी पी लें इससे तुरंत गैस में आराम मिलेगा.


सावधानी - यह  लेख सोसियल  मीडिया  के  सभार  से  लिया गया / सिर्फ अच्छी  जानकारी  हेतु / उपयोग करते समय जांस  परख  के बाद  ही उपयोग  करे  / इसमें हमारी  कोई  जवाब देही  नहीं  रहेगी - ब्लोगकर्ता

सेंधा नमक,

Posted:

 सेंधा नमक, 

शुद्धतम शुद्ध..

जानिये इसके 20 अद्भुत गुण और केमिकलयुक्त समुद्री नमक को तिलांजलि दें अन्यथा डॉक्टरों के चक्कर लगाने से फुर्सत नहीं मिलेगी और हम सब मकड़जाल में फंसते जायेंगे।

"सेंधा नमक" को सबसे "शुद्ध नमक" माना जाता है, क्योंकि इसमें मिलावट और रसायन नहीं होते हैं।

बहुत कम लोग जानते हैं कि यह नमक सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि इसमें सारे तत्व शामिल है जो एक शरीर की जरुरत होते हैं....

जैसे की लोहा, कैल्शियम, पोटेशियम, जिन्क और भी बहुत कुछ सेंधा नमक में मौजूद होता हैं।


इसे आप खाने में मिलाकर खा सकते हैं या फिर बाजार में सप्लीमेंट्स, पाउडर और पिल्स मौजूद होती है जिसे आप ले सकते है।

लेकिन आप इसे बिना डॉक्टर के सुझाव के लें, तो फिर बिना देरी किए आइए सेंधा नमक के सेहत से जुड़े फायदो के बारे में जानते हैं। जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे...


(1). सेंधा नमक खराब पाचन के उपचार में काफी प्रभावी होता है। ये एक औषधि की तरह काम करता है जिससे पाचन में सुधार आता है। ये आपके भूख और गैस में भी राहत देता हैं।


(2). रोजाना सेंधा नमक खाने से आपके शरीर के खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को फिर से भरता है और पीएच स्तर को नियंत्रित रखता है। ये रक्त परिसंचरण को उत्तेजित करता है और शरीर में मौजूदा गंदगी और टॉक्सिक मिनरल्स को बहार निकाल देता है।


(3). ये आपके रक्तचाप के स्तर का संतुलन बनाए रखता है।


(4). सेंधा नमक कई दाद और कीड़े के काटे हुए और गाठिया के दर्द से रोगों के उपचारो से निजात दिलाता है। ये हर भारतीय घरों में पाया जाता हैं।


(5). आप शायद इस तथ्य को जानकर चौंक जाएं कि सेंधा नमक वजन कम करने में मदद करता हैं। ये शरीर के फैट सेल्स को कम कर देता है।


(6). जब सेंधा नमक नींबू के रस के साथ लिया जाता है तो पेट के कीड़ो से आराम मिलता है और उल्टियों को भी रोकता है।


(7). महंगे सी-सॉल्ट बाथ खरीदने की बजाय आप बिना रुपये खर्च किए खुद भी बना सकते है अपना सी सॉल्ट बाथ, इसे बनाने के लिए अपने नहाने वाले पानी में एक चम्मच सेंधा नमक मिला लें और फिर उस पानी को नहाने के लिए इस्तेमाल करे। इस पानी से नहाने से आपको राहत मिलेगा, ये गले की मांसपेशियों को शांत करता है, आपके शरीर को डिटॉक्सीफाय करता है। इसके साथ ही आपके रक्त चाप को नियंत्रित रखता है।


(8). अगर अक्सर आपके मांसपेंशियों में ऐंठन होती है तो सेंधा नमक आपको राहत पहुंचा सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला कर पिएं।


(9). जो लोग साइनस और सांस की समस्या से पीड़ित है उन्हें रोजाना सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए। सेंधा नमक से गार्गिल करने से गले में सूजन, दर्द, सूखी खांसी और टॉन्सिल से राहत मिलती है। जो लोग ब्रोंकाइटिस, दमा या सांस की अन्य समस्याओं के शिकार है वो सेंधा नमक की भाप ले सकते हैं।


(10). सेंधा नमक जरुरी मिनर्लस प्रदान करता है और आपके इम्यून सिस्टम को सुधारता हैं। इसके अलावा ये संचार, श्वसन और तंत्रिका तंत्र को एक हद तक सुधारता है।


(11). सेंधा नमक आपके दातों को सफेद करता और मुंह के फ्रेशनर के तौर पर इस्तेमाल होता है। आप खराश के लिए इस नमक से गार्गल भी कर सकते है।


(12). सेंधा नमक प्रभावी ढंग से पाचन और लार के रस को स्वस्थ बनाए रखता है। आप सामान्य नमक की बजाय अपने खाने में सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते है।


(13). नमक को और प्रभावी बनाने के लिए आप तांबे के बर्तन में स्टोर कर सकते है जब तक वो लाल ना हो जाए।


(14). सेंधा नमक हड्डियों और टिश्यूज़ को मजबूत बनाता है


(15). सेंधा नमक को खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके इस्तेमाल से आपके शरीर की मृत त्वचा से छुटकारा मिलता है।


(16). आप अपने शरीर को पोषण पहुंचाने के लिए भी सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकतो हो


(17). चेहरे को साफ करने के अलावा सेंधा नमक आपके त्वचा के टीशूज को मजबूत बनाता है और आपको जवां दिखाने में मदद करता है।


(18). सेंधा नमक को आप पैरों के स्क्रब के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए बस आपको आधी बाल्टी गुनगुने पानी में 2 चम्मच सेंधा नमक मिलाना है और उसमें अपने पैरों को ड़ाल दें। इस पानी में अपना पसंदीदा कोई सा भी तेल ड़ाल सकते हैं।


(19). इसके अलावा आप अपने क्लींनजर की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते है जिसमें क्लीनजर के गुण समाए हुए है। सेंधा नमक जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल बहार निकाल देते है। क्लींनजर बनाने के लिए आप अपने क्लींनजर में सेंधा नमक को मिला लें और साफ करने के बाद अपने चेहरे को धो लें।


(20). अगर आपके नाखून पीले पड़ गए हैं या फिर उसके रंग में बदलाव आ गया है तो आप सेंधा नमक की मदद से अपने खोए हुए रंग को पा सकते है। इससे आपके नाखूनों की खोई हुई चमक भी वापस आ जाएगी।


सावधानी - यह  लेख सोसियल  मीडिया  के  सभार  से  लिया गया / सिर्फ अच्छी  जानकारी  हेतु / उपयोग करते समय जांस  परख  के बाद  ही उपयोग  करे  / इसमें हमारी  कोई  जवाब देही  नहीं  रहेगी - ब्लोगकर्ता 

दादी मां के 22 रामबाण घरेलू नुस्खे

Posted: 02 जून 2022

 दादी मां के 22 रामबाण घरेलू नुस्खे, जरूर पढ़ें...


अक्सर घर के बुजुर्गों के पास ही हर समस्या का समाधान मिल जाया करता है, जो रामबाण इलाज होता है। ऐसी ही कुछ छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जि‍न्हें हल करने के लि‍ए दादी मां के यह 22 रामबाण घरेलू नुस्खे ही काफी हैं । जरूर जानिए ...      

 

🥀1. कान दर्द -  प्याज पीसकर उसका रस कपड़े से छान लें। फिर उसे गरम करके 4 बूंद कान में डालने से कान का दर्द समाप्त हो जाता है।


🥀2. दांत दर्द - हल्दी एवं सेंधा नमक महीन पीसकर, उसे शुद्ध सरसों के तेल में मिलाकर सुबह-शाम मंजन करने से दांतों का दर्द बंद हो जाता है।


3. दांतों के सुराख - कपूर को महीन पीसकर दांतों पर उंगली से लगाएं और उसे मलें। सुराखों को भली प्रकार साफ कर लें। फिर सुराखों के नीचे कपूर को कुछ समय तक दबाकर रखने से दांतों का दर्द निश्चित रूप से समाप्त हो जाता है। 


4. बच्चों के पेट के कीड़े - छोटे बच्चों के पेट में कीड़े हों तो सुबह एवं शाम को प्याज का रस गरम करके 1 तोला पिलाने से कीड़े अवश्य मर जाते हैं। धतूरे के पत्तों का रस निकालकर उसे गरम करके गुदा पर लगाने से चुन्ने (लघु कृमि) से आराम हो जाता है। 


5. गिल्टी का दर्द - प्याज पीसकर उसे गरम कर लें। फिर उसमें गो-मूत्र मिलाकर छोटी-सी टिकरी बना लें। उसे कपड़े के सहारे गिल्टी पर बांधने से गिल्टी का दर्द एवं गिल्टी समाप्त हो जाती है। 

6. पेट के केंचुए एवं कीड़े - 1 बड़ा चम्मच सेम के पत्तों का रस एवं शहद समभाग मिलाकर प्रात:, मध्यान्ह एवं सायं को पीने से केंचुए तथा कीड़े 4-5 दिन में मरकर बाहर निकल जाते हैं। 

7. छोटे बच्चों को उल्टी दस्त - पके हुए अनार के फल का रस कुनुकुना गरम करके प्रात:, मध्यान्ह एवं सायं को 1-1 चम्मच पिलाने से शिशु-वमन अवश्य बंद हो जाता है। 

8. कब्ज दूर करने हेतु - 1 बड़े साइज का नींबू काटकर रात्रिभर ओस में पड़ा रहने दें। फिर प्रात:काल 1 गिलास चीनी के शरबत में उस नींबू को निचोड़कर तथा शरबत में नाममात्र का काला नमक डालकर पीने से कब्ज निश्चित रूप से दूर हो जाता है।


9. आग से जल जाने पर - कच्चे आलू को पीसकर रस निकाल लें, फिर जले हुए स्थान पर उस रस को लगाने से आराम हो जाता है। इसके अतिरिक्त इमली की छाल जलाकर उसका महीन चूर्ण बना लें, उस चूर्ण को गो-घृत में मिलाकर जले हुए स्थान पर लगाने से आराम हो जाता है।


10. कान की फुंसी - लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर, उस तेल को सुबह, दोपहर और शाम को कान में 2-2 बूंद डालने से कान के अंदर की फुंसी बह जाती है अथवा बैठ जाती है तथा दर्द समाप्त हो जाता है। 

11. कुकुर खांसी - फिटकरी को तवे पर भून लें और उसे महीन पीस लें। तत्पश्चात 3 रत्ती फिटकरी के चूर्ण में समभाग चीनी मिलाकर सुबह, दोपहर और शाम को सेवन करने से कुकुर खांसी ठीक हो जाती है। 

12. पेशाब की जलन - ताजे करेले को महीन-महीन काट लें। पुन: उसे हाथों से भली प्रकार मल दें। करेले का पानी स्टील या शीशे के पात्र में इकट्ठा करें। वही पानी 50 ग्राम की खुराक बनाकर 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) पीने से पेशाब की कड़क एवं जलन ठीक हो जाती है। 

13. फोड़े - नीम की मुलायम पत्तियों को पीसकर गो-घृत में उसे पकाकर (कुछ गरम रूप में) फोड़े पर हल्के कपड़े के सहारे बांधने से भयंकर एवं पुराने तथा असाध्य फोड़े भी ठीक हो जाते हैं। 

14. सिरदर्द - सोंठ को बहुत महीन पीसकर बकरी के शुद्ध दूध में मिलाकर नाक से बार-बार खींचने से सभी प्रकार के सिरदर्द में आराम होता है।


15. पेशाब में चीनी (शकर)- जामुन की गुठली सुखाकर महीन पीस डालें और उसे महीन कपड़े से छान लें। अठन्नीभर प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) ताजे जल के साथ लेने से पेशाब के साथ चीनी आनी बंद हो जाती है। इसके अतिरिक्त ताजे करेले का रस 2 तोला नित्य पीने से भी उक्त रोग में लाभ होता है।



16. मस्तिष्क की कमजोरी - मेहंदी का बीज अठन्नीभर पीसकर शुद्ध शहद के साथ प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) सेवन करने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है और स्मरण शक्ति ठीक होती है तथा सिरदर्द में भी आराम हो जाता है। 

17. अधकपारी का दर्द - 3 रत्ती कपूर तथा मलयागिरि चंदन को गुलाब जल के साथ घिसकर (गुलाब जल की मात्रा कुछ अधिक रहे) नाक के द्वारा खींचने से अधकपारी का दर्द अवश्य समाप्त हो जाता है।

18. खूनी दस्त - 2 तोला जामुन की गुठली को ताजे पानी के साथ पीस-छानकर, 4-5 दिन सुबह 1 गिलास पीने से खूनी दस्त बंद हो जाता है। इसमें चीनी या कोई अन्य पदार्थ नहीं मिलाना चाहिए। 

19. जुकाम - 1 पाव गाय का दूध गरम करके उसमें 12 दाना कालीमिर्च एवं 1 तोला मिश्री- इन दोनों को पीसकर दूध में मिलाकर सोते समय रात को पी लें। 5 दिन में जुकाम बिलकुल ठीक हो जाएगा अथवा 1 तोला मिश्री एवं 8 दाना कालीमिर्च ताजे पानी के साथ पीसकर गरम करके चाय की तरह पीयें और 5 दिन तक स्नान न करें।

20. मंदाग्नि - अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके नींबू के रस में डालकर और नाममात्र का सेंधा नमक मिलाकर शीशे के बर्तन में रख दें। 5-7 टुकड़े नित्य भोजन के साथ सेवन करें, मंदाग्नि दूर हो जाएगी। 

21. उदर विकार - अजवाइन, कालीमिर्च एवं सेंधा नमक- इन तीनों को एक में ही मिलाकर चूर्ण बना लें। ये तीनों बराबर मात्रा में होने चाहिए। इस चूर्ण को प्रतिदिन नियमित रूप से रात को सोते समय गरम जल के साथ सेवन करने से (मात्रा अठन्नीभर) सभी प्रकार के उदर रोग दूर हो जाते हैं।

22. मोटापा दूर करना - 1 नींबू का रस 1 गिलास जल में प्रतिदिन खाली पेट पीने से मोटापा दूर हो जाता है। ऐसा 3 महीने तक निरंतर करना चाहिए। गर्मी एवं बरसात के दिनों में यह प्रयोग विशेष लाभदायक होता है। 

मोटापे और पेट की चर्बी

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मोटापे और पेट की चर्बी गलने के लिए 3 चमत्कारी औषधियाँ


1. अलसी

ये पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है क्योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसका यूज करने के लिए बीज को4 मिनट तक गर्म करना होगा ।


2. जीरा 

सूखा हुआ जीरा लें, अगर आपको लगता है कि उसमें नमी है तो उसे धूप में सुखा लें। जीरा मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। जिससे चर्बी घटती है।


3. अजवाइन

अजवाइन पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है। ये भी चर्बी घटाने में मदद करती है।


3 औषधियों का कारगर चूर्ण बनाने का तरीका

इस चूर्ण को बनाने के लिए आपको 

3 चम्मच असली के बीज, 

2 चम्मच जीरे, 

2 चम्मच अजवाइन को लेना है। 

अलसी का बीज सिके हुए होंगे। 

इन तीनों को अच्छे से मिलाकर पीस लें। अब चूर्ण तैयार हो जाएगा। ये चूरन पेट की चर्बी को तेजी से पिघलाएगा।


चूर्ण सेवन करने का तरीका

इस चुर्ण को लेते वक्त ये ध्यान रखना है कि आपको खाना खाने के बाद और पहले गुनगुन पानी ही लेना है। इसके साथ ही पूरे दिन पर्याप्त पानी पीना होगा। एक चम्मच चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ डेली नाश्ता करने से पहले लेना है। डेली यूज से पेट की चर्बी 10 दिनों में ही कई किलो तक कम हो जाएगी। अगर और जल्दी रिजल्ट चाहते हैं तो इसे दिन में दो बार ले सकते हैं। एक चम्मच सुबह नाश्ते के पहले और एक चम्मच रात को खाने से पहले ले सकते हैं। चूरन लेते वक्त ये रखें ध्यान की इस चूर्ण को लेते वक्त ये ठंडी चीजों का सेवन करना होगा क्योंकि अलसी खाने में गर्म होती है।


पेट कम करने के उपाय

1. सवेरे उठ के खाली पेट करेले का जूस पीने से आप चर्बी को आसानी से पिघला सकते है|


2. दिन भर गर्म पानी का सेवन करे. गर्म पानी में नींबू और अदरक का रस हो तो और भी बेहतर है. काली मिर्च डाले तो गुण और बढ़ जाएँगे| गर्म चाय, बिना दूध और शक्कर के आप सेवन करे तो भी यह फ़ायदा मिलेगा. गर्म पानी से पाचन तंत्र सुधर जाता है और गतिविधि बढ़ती है| जिस से आप का शरीर चर्बी को अच्छी तरह से उपयोग करके जला देता है|


3. इन सभी पेट की चर्बी कम करने के तरीके आसान तो है मगर समय लगता है और आप को परहेज करना जरूरी है| नमक कम करे, तले हुए और बाजारू चीज़ो का सेवन ना करे, सफ़ेद शक्कर को बिल्कुल बंद करे, धूम्रपान बंद कर दे

 

व्यायाम

1. हर रोज 2 घंटे तक तेज चलने का रखे तो पेट कम कैसे करे की समस्या का हल अपने आप निकल आएगा|


2. मोटापा कम करने के तरीके में एक तरीका यह है की आप इतना व्यायाम करे की आप का शरीर चर्बी को पिघालने लगे. इस के लिए एरोबिक्स करे 30 मिनिट्स तक वेट लिफ्टिंग करे और हो सके तो दौड़ लगाए. पेट कम करने के लिए व्यायाम बहुत ही ज़रूरी है. दवाई या जड़ी बूटी से ही लाभ नहीं आता है|


3. आहार के साथ व्यायाम हो तो अवश्य आप के मोटापे में फ़र्क दिखाई देगा|


4. पेट कम करने के लिए योगासन बहुत ही फयदेमंद है. सवेरे उठ के 20 मिनिट तक आप कोई एक या दो योगासन, जो आप के लिए अनुकूल है और आसान है वो ही करे|


5. योगा में वक्रासना, भुजंगासन, त्रिकोनसन, पाशचिमोत्तासन, गरुर्ढआसन, उत्कतसना, अर्धचंदारसना और शलभासना जैसे आसन वजन नियंत्रण करने में और मोटापा कम करने में मदद करते है, कई आसन कठिन हैं ज़्यादा उम्र हो जाने पर जो आसन कर सकते है वही करें, मगर नियमित करे|

कब्ज

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 कब्ज का इलाज करने के घरेलू उपाय


क़ब्ज़ होने का सबसे बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी होना है। पानी की कमी होने पर आँतो में मल सूखने लगता है और मल त्याग करने में काफ़ी ज़ोर लगाना पड़ता है। 


 1. रोगी को पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए और खाना खाते समय पानी नही पीना चाहिए। 


 2. फलो में पपीता और अमरूद ज़रूर खाना चाहिए। 


 3. पेट में जमे हुए मल को बाहर निकालने के लिए 1 कप गुनगुने पानी में 1 नींबू निचोड़ कर पिए। 


 4. 1 ग्लास गरम दूध रात को सोने से पहले पिए।  


 5. अगर मल आँतो में चिपक रहा हो तो दूध में 1 से 2 चम्मच अरंडी का तेल मिला कर पिए। 


 6. इसबगोल की भूसी क़ब्ज़ के इलाज में रामबाण का काम करती है। 125 ग्राम दही मे 10 ग्राम इसबगोल की भूसी घोल कर सुबह शाम खाने से आराम मिलता है।

 

 7. एक चौथाई कप गरम पानी में 1 चम्मच मीठा सोडा मिला कर पिए 


 8. दही खाने से शरीर में अच्छे बॅक्टीरिया की मात्रा बढ़ेगी। 


 9. दिन में २ से ३ कप दही का सेवन ज़रूर करे। 


 10. एक ग्लास गरम दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर और एक चम्मच घी मिला कर घोल ले और रात को सोने से पहले पिए।एक ग्लास दूध में थोड़ी अंजीर उबाल ले और सोने से पहले पीने से क़ब्ज़ दूर होती है।

गाय के घी का महत्त्व

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 गाय के घी का महत्त्व

●आज खाने में घी ना लेना एक फैशन बन गया है।

●बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टर्स भी घी खाने से मना करते है।

●दिल के मरीजों को भी घी से दूर रहने की सलाह दी जाती है।


अब जानिये फायदे

●- रोजाना कम से कम 2 चम्मच गाय का घी तो खाना ही चाहिए।


●- यह वात और पित्त दोषों को शांत करता है।


●- चरक संहिता में कहा गया है की जठराग्नि को जब घी डाल कर प्रदीप्त कर दिया जाए तो कितना ही भारी भोजन क्यों ना खाया जाए, ये बुझती नहीं।


●- बच्चे के जन्म के बाद वात बढ़ जाता है जो घी के सेवन से निकल जाता है। अगर ये नहीं निकला तो मोटापा बढ़ जाता है।


●- हार्ट की नालियों में जब ब्लोकेज हो तो घी एक ल्यूब्रिकेंट का काम करता है।


●- कब्ज को हटाने के लिए भी घी मददगार है।


●- गर्मियों में जब पित्त बढ़ जाता है तो घी उसे शांत करता है।


●- घी सप्तधातुओं को पुष्ट करता है।


●- दाल में घी डाल कर खाने से गेस नहीं बनती।


●- घी खाने से मोटापा कम होता है।


●- घी एंटीओक्सिदेंट्स की मदद करता है जो फ्री रेडिकल्स को नुक्सान पहुंचाने से रोकता है।


●- वनस्पति घी कभी न खाए क्यूंकि ये पित्त बढाता है और शरीर में जम के बैठता है।


●- घी को कभी भी मलाई गर्म कर के ना बनाए। इसे दही जमा कर मथने से इसमें प्राण शक्ति आकर्षित होती है। फिर इसको गर्म करने से घी मिलता है।


अब मर्जी आपकी, खाओ या न खाओ।

मांसपेशियों में खिंचाव ?

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 सीढ़ियां चढ़ते हुए होता है मांसपेशियों में खिंचाव? तो जानिए राहत पाने के 5 उपाय 

 

1 आराम करें -आमतौर पर मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होने पर सबसे पहले आराम की सलाह दी जाती है। कई बार ज्यादा मेहनत का काम कर लेने से भी मांसपेशियां खिंच जाती है जो कुछ दिन आराम करने से ठीक भी हो जाती है। लेकिन अगर कई दिनों तक आराम करने के बाद भी राहत न मिले तो डॉक्टर से परामर्श करें।

2 खिंचाव महसूस होने वाली जगह पर बर्फ लगाएं -जिन भी हिस्सों की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो, उस पर बर्फ की सेक करें। इसे दिन में कई बार दोहरा सकते हैं। केवल ये ध्यान दें कि एक बार में 15 मिनट से ज्यादा देर तक सेक न करें।

3 दवा लें -कई बार मांसपेशियों के खिंच जाने से प्रभावित हिस्से में सूजन आ जाती है। जिससे दर्द और बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से सूजन कम करने की दवा ले जिससे दर्द में राहत मिलेगा।

4 नियमित स्ट्रेचिंग करें -अगर आप स्ट्रेचिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तो मांसपेशियां ज्यादा मजबूत और लचीली बनेंगी। ऐसी मांसपेशियों में चोट लगने की संभावना कम रहेगी।

5 मांसपेशियों की थकान से बचें -आमतौर पर पहले से मजबूत और लचीली मांसपेशियों में चोट लगने की अशंका कम रहती है। अगर किसी की मांसपेशियां पहले से कमजोर और थकी हुई हो, तो ऐसे में उनके चोटिल होने की आशंका अधिक होती है। खिलाड़ियों को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए।

भाप लेने के 5 फायदे

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 आयुर्वेद, चिकित्सा, घरेलू नुस्खे

बिना साइड इफेक्ट के रहना है स्वस्थ और सुंदर, तो जानिए भाप लेने के 5 फायदे 

 

1 सर्दी-जुकाम और कफ होने की स्थ‍िति में भाप लेना रामबाण उपाय है। भाप लेने से न केवल आपकी सर्दी ठीक होगी बल्कि गले में जमा हुआ कफ भी आसानी से निकल सकेगा और आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। 

2 त्वचा की गंदगी को हटाकर अंदर तक त्वचा की सफाई करने और त्वचा को प्राकृतिक चमक प्रदान करने के लिए भाप लेना एक बेहतरीन तरीका है। बगैर किसी मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल किए यह तरीका आपकी स्किन को ग्लोइंग बना सकता है। 

3 अस्थमा जैसी स्वास्थ्य समस्याओं में भी भाप लेना काफी फायदेमंद साबित होता है। डॉक्टर्स ऐसी परिस्थति में भाप लेने की सलाह देते हैं, ताकि मरीज को राहत की सांस मिल सके। 

4 चेहरे की मृत त्वचा को हटाने एवं झुर्रियों को कम करने के लिए भी भाप लेना एक बढ़िया उपाय है। यह आपकी त्वचा को ताजगी देता है, जिससे आप तरोताजा नजर आते हैं। त्वचा की नमी भी बरकरार रहती है। 

5 अगर चेहरे पर मुंहासे हैं, तो बिना देर किए चेहरे को भाप दीजिए। इससे रोमछिद्रों में जमी गंदगी और सीबम आसानी से निकल पाएगा और आपकी त्वचा साफ हो पाएगी।

शरीर की 72 हजार नश में से कोई भी नश ब्लॉक है ?

Posted: 15 मई 2022
आयुवैदिक उपचार ठाकुर हरिसिंहजी राणावत के द्वारा अगर कोई मरीज पथरी, मणका में गेप, घुटने में गैप, हेमरेज, मशा तथा शरीर की 72 हजार नश में से कोई भी नश ब्लॉक है तो संपर्क करे । ठाकुर हरि सिंह राणावत राणावत कृषि फार्म हाऊस नया केसर सिंह का गुड़ा पोस्ट काछेला पिनकोड 307023 जिला सिरोही राजस्थान ।। संपर्क नंबर :- 9784990303 , 9772934266