एक बार पुन : आप सभी को प्रणाम !

Posted: 04 मार्च 2016
हिंदी ब्लॉगर बधुओ
एक लम्बे अंतराल के बाद पुन : ब्लॉग संसार में आने का मन हुआ ! पता नही लोग कितना स्वीकार करेंगे ! 
मै स्वय काफी कुछ तो भूल गया हूँ की इसका संचालन कैसे करू ? लोगो का टेस्ट भी बदल गया होगा। .. नई पीढ़ी का अवतरण हुआ होगा ! और पुराने ब्लॉगर साथीयो का तो अता पता भी ठीक से ज्ञात नही है। ... उम्मीद करता हूँ की वे सभी सुखसाता पूर्वक मिल जाएंगे।  

शायद ब्लॉग जगत में भी "मेक इन इण्डिया" जैसी तकनीक  और भगवान विष्णु जी के चक्र के आकार का कोई "बब्बर शेर" धूम मचा रहा होगा ! 2006 -7   के समय हिंदी ब्लोगरो में विख्यात थे जिन्हे मै भी पढता था उसमे कनाडा के उड़नी तस्तरी के रूप में समीर लाला जी, हरियाणवी कंहू या इंदौरवी ताऊ जी , और उस वक्त तकनीक का बब्बर शेर थे आशीष खण्डेलावल जी। .. थोड़ा कुछ आज भी जेहन में है संजयजी बेंगाणी , शास्त्री अंकल,  और शायद कानपुर वाले फुरसतिया जी। .... दिमाग पर जोर लगा रहा हूँ। ...... तस्वीर तो उभर रही है पर आकृति नही ले पा रही है। ....  खैर  उम्र का तकाजा भी है। .. 

एक जिज्ञासा है क्या इस वक्त कोई ब्लॉग एग्रीगेटर चल रहा है। ...... 

एक बार पुन : आप सभी को प्रणाम !

मै ब्लॉग पर वापिस आ रहा हूँ

Posted: 03 मार्च 2016
मै  ब्लॉग  पर वापिस आ रहा हूँ 

अध्यात्म पुरष आचार्य महाप्रज्ञ का छठा महाप्रयाण दिवस आज

Posted: 15 अप्रैल 2015
महासूर्य "महाप्रज्ञ महाप्रयाण दिवस" पर भावपूर्ण श्रदांजलि

प्रखर मेधा के धनी, महायोगी, इस कलयुग में तीर्थंकर स्वरुप, तेरापंथ धर्मसंघ के दसवें नक्षत्र, महामना, महात्मा महाप्रज्ञ जी के षष्ठम महाप्रयाण दिवस पर तेयुप चेन्नई परिवार का शत शत नमन, वंदन ।

महाप्रज्ञप्रवर का पूरा जीवन उपाधियों, उपलब्धियों, सफलताओं और विविध प्रकार के नवोन्मेषी आश्चर्यों से भरपूर रहा है।

साधना में सजगता, जीवन भर पादविहारी, दार्शनिक विचार, मूर्धन्य वक्ता, महान साहित्यकार, प्रेक्षाध्यान के प्रणेता, योग विद्या के महापंडित, आगमों के गहन ज्ञाता और ना जाने कितनी कितनी शक्तियों के उद्घाता, अनेकों लब्धियों के स्वामी, हम सब के मन मंदिर के भगवान् श्री महाप्रज्ञ जी के व्यक्तित्व को शब्दों में बाँधना मुमकिन नहीं है।

उनका पूरा जीवन आज के वैज्ञानिकों एवं ज्योतिर्विदों के लिए गहन शोध का विषय है कि आज के इस युग में एक व्यक्ति अपने अतिसीमित संसाधनों के साथ इतना कुछ कैसे कर सकता है।

 युवा शक्ति उनके दिखाए पथ पर चलने और संघ के विकास, संवर्धन और सेवा में सदैव तत्पर रहने के अपने संकल्प को आज और अधिक पुष्ट करती है। उन देवपुरुष के चरणों में पुनः श्रद्धा, आस्था एवं समर्पण से परिपूर्ण भावांजलि अभिव्यक्त करती है।

Terapanth Songs Bhajans/ Devotional

Posted: 09 दिसंबर 2012