आचार्य महाप्रज्ञ समाधि स्थल का शिलान्यास

Posted: 19 नवंबर 2010
विरले महापुरुष थे महाप्रज्ञ 
"आचार्य महाप्रज्ञ समाधि स्थल का शिलान्यास "
तेरापंथ समाचार @ सरदारशहर १८ नवम्बर !
आचार्य महाश्रमण ने कहा है की आचार्य महाप्रज्ञजी ने सदैव सबको अंहिसा,मैत्री , शान्ति का संदेश दिया ! वे
स्वय अहिंसा का जीवन जीने वाले विरले महापुरुष थे!

उनमे संयम की साधना , वात्सलता व् करूणा थी ! वे आज महाप्रज्ञ की समाधि स्थल के शिलान्यास समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओ को सम्बोधित कर
रहे थे ! उन्होंने कहा कि इस स्थान पर आने वालो को ऐसी पवित्र प्रेरणा मिलेगी जिससे वे तनाव मुक्त रह सकेंगे और अपने जीवन को अच्छा बना सकेंगे ! उन्होंने कहा कि अनुदान कोई भी दे लेकिन समाधि स्थल पर अनुदानदाता का नाम नही लगाना चाहिए !
Audience listening with attention to Acharya Mahashrama
महाश्रमण ने कहा कि तेरापंथ के दस आचार्यो में सर्वाधिक आयु प्राप्त करने वाले आचार्य महाप्रज्ञ ने लम्बे समय तक धर्म संघ कि सेवा कि !
साध्वीप्रमुखा कनकप्रभाजी
साध्वीप्रमुखा कनकप्रभाजी , मुख्यनियोजिका साध्वी श्रुतविभाजी ने भी विचार रखे !
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैनरूप चंडालिया ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ आत्मदृष्टा , युगदृष्टा  एवं भविष्यदृष्टा संत थे !
Mangal Bhavana Yantra given to Alexander, director of Ukraine center.
अंतराष्ट्रीय प्रेक्षा ध्यान शिविर में भाग लेने वाले युक्रेन के पोप सिंगर अलेक्जेंडर एवं अन्य विदेशियों
ने रशियन भाषा में प्रेक्षा गीत को स्वर देकर सबको मन्त्र मुग्ध कर दिया !
Chainrup Chindalia, president of Mahasabha
इस से पूर्व समाधि स्थल का शिलान्यास प्रात: ७:१५ बजे विधिवत पूजन के साथ किया गया !
प्रथम शिला तेरापंथ धर्म संघ की शीर्षस्थ संस्था जैन तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष चैनरूप चंडालिया ने रखी ! समारोह में देश भर से आए समाज के विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित थे ! शिलान्यास के बाद जन समूह ने ॐ अर्हम की ध्वनी से हर्ष प्रकट किया !

ऐसा होगा समाधि स्थल 
Monks, Nuns and Samaniji
सस्था जैन तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष चैनरूप चंडालिया ने समाधि स्थल के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ समाधि स्थल निर्माण का दायित्व जैन तेरापंथी महासभा  को मिला है ! समाधि स्थल आचार्य महाप्रज्ञ की गरिमा के अनुरूप बने ऐसा प्रयास रहेगा !
Russian and Ukraine people
समाधि स्थल पर छह विशाल कक्ष निर्मित किए जाएंगे , जिसमे प्रथमकक्ष श्रव्य-दृश्य कक्ष, दुसराकक्ष पूज्य प्रवर को भेट उपहार एवं स्मृति चिन्हों से सज्जित होगा, तीसराकक्ष कलाविथी तथा चौथा कक्ष पुस्तकालय सह शोध केंद्र होगा !
 Sumati Gothi keeping bricks

Surendra Surana
Jitendra Nahata, secretary of JVB, Ladnun
सोजन्य राजस्थान पत्रिका  एवं hearu

1 comments:

  1. Amit Jain 20 नवंबर, 2010

    Acharya Shree Mahapragya Ji ka samadhi sthal ek famous center banana chahiye.... yahan dhyaan, yog, aadhyatma ki ganga behni chahiye and shud be operative through out the year..

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