नैनो का कमाल धमाल है, यह लाख टके का सवाल है।

Posted: 21 मार्च 2009


नैनो कि लोंचिग मे अब कुछ ही घंटे बाकी रहे है। 23 मार्च 2009 सुबह ठीक 9 बजे टाटा समुह के चेयरमेन रतन टाटा स्वय इस बहुप्रतिक्षित प्रयोजना को आम जनता के लिऐ खोल देगे।

एक अनुमान के मुताबिक नैनो कि बुकिंग पॉच लाख गाडीयो तक पहुच सकती है। जो टाटा के मोजुदा उत्पादन क्षमता से कही ज्यादा होगी।

उम्मीद जताई जा रही है कि टाटामोटर्स दुनिया कि सबसे सस्ती कार के लिए सत्तर हजार रुपया बुकिंग डिपोजिट और पॉचसो रुपया बेसिक एप्लिकेशन फीस के रुप मे वसूलेगी। बढिया कीस्मत रखने वाले कुछ ग्राहको का पहला समूह चुनने के लिए 60 दिन वक्त लग सकता है। नैनो का आवन्टन कम्पुटर के जरीए होगा।

*टाटामोटर्स फिलाल पंतनगर और पुणे के कारखानो मे नैनो बना रही है। साणन्द कारखाना तैयार होने तक टाटामोटर्स कि क्षमता पर ब्रेक लगा रहेगा। ऐसे मे ग्राहको को डिलेवरी लेने मे दो से तिन महीने का इन्तजार करना पड सकता है। साणन्द मे हर साल ढाई लाख नैनो तैयार करने कि क्षमता होगी। पहले साल 60 से 70 हजार गाडियो से अधिक नही बन पाऐगी। टाटामोटर्स वास्तविक ग्राहक चाहती है इसलिए बुकिग राशि सत्तर हजार रखने जा रही है।

रतन टाटा का बहुप्रतीक्षित सपना सोमवार को पुरा होने जा रहा है। टाटाश्री ने एक सपना देखा था भारत के लिऐ, भारत कि गरिब जनता के लिऐ, और उन्होने कई मुश्किलो को पार कर उस सपने को साकार रुप प्रदान किया। वास्तव मे टाटाश्री ने भारत निर्माण मे अपना सर्वस लगा दिया। उन्होने अपने कलकारखानो से भारत एवम् भारतीय लोगो के जीवन निर्माण, उनकि ईच्छओ कि पुर्ति हेतु सर्वस लगा दिया। जे आर डी टाटा से लेकर रतन टाटा ने हमेसा ही देश एवम देश के लिऐ सोचा कभी भी उन्होने अपना घर भरने कि सोच नही रखी, बल्कि पुरे भारत को अपना घर समझा।


रतन टाटा एक बार अपनी कार से मुम्बई कि सड़को से जा रहे थे, तभी टाटा श्री ने देखा की दो पहिया पर मॉ पिता बच्चा बारिस मे भीगते हुए जा रहे है, उनके मन मे खयाल आया कि क्या भारत का आम आदमी कार रखने का सपना नही देख सकता है ? उहोने उसी क्षण ठान ली कि वो एक ऐसी सस्ती कार का निर्माण करेगे जो हर भारतीय खरीद सकता है और उनका पुरा परिवार उस कार मे सफर कर सके। आम आदमी का सपना होता है कि वो भी कार मे चले, किन्तु सपना सपना ही बनकर रह जाता है। टाटाश्री ने आम भारतीय के सपने को अपना सपना बना लिया। और उस सपने को नाम दिया नैनो

*पुरी दुनिया के लोग ऑखे लगाऐ बैठे है टाटा के इस सपने के साकार रुप को देखने। बडी बडी सरकारे जो कार्य नही कर सकती वो रतन टाटा ने १०० करोड लोगो के लिऐ कर दिखाया। टाटा ने भारत को अपना समझा भारतीय जनता को अपना परिवार माना। भारत उन कि आत्मा मे रचा बचा है। भारत निर्माण मे उनके इस योगदान मे सरकार को आगे आना चाहिऐ एवम टाटा श्री के साथ जो आम भारतीय ने सपना देखा है उसे पुरा करने मे सहयोग करना चाहिऐ।

मै रतन टाटा के साथ साथ उनके वैन्डर कर्मचारीयो को भी बधाई देता हु जिन्होने टाटा के सपने को साकार करने मे कदम से कदम मिलाया होगा। मै आप सबको सेलियुट करता हु, और मगल कामना करता हु कि आप देश के विकास मे हमेशा कि तरह तत्पर रहे।


TATA Nano features and Nano car specifications:
# 624cc petrol engine
# 33BHP
# 20km per litre mileage, upto 26km per litre on highway
# 30 liter petrol tank
# 4 door, 5-seater
# Rear engine, front boot
# 4 speed manual gear box
# On road price expected to be around Rs. 1 lakh 25 thousand
# front disc brakes and drums in the rear
# Euro 4 compliant
# Top speed 90kmph

# 21% more space than Maruti 800!

Standard model would cost roughly Rs. 1,25,000 onroad



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9 comments:

  1. Arvind Mishra 21 मार्च, 2009

    लखटकिया कार की अच्छी जानकारी दी आपने -पर यह भी सभी को सहज उपलब्ध नहीं हो पायेगी ब्लैकेटियर की चांदी होगी !

  2. बेनामी 21 मार्च, 2009

    स्कूटरवालों के पास कार तो आ जायेगी पर सड़कों पर मारामारी मच जाएगी, क्योंकि सड़कें ही इतनी संकरी हैं. और दुर्घटनाओं का ग्राफ ज़रूर ऊपर जाएगा, क्योंकि अभी ही कैसे कैसे लोग कार लिए सड़क पर उतर कर रक्तपात करते रहते हैं, पैदल चलनेवालों या साइकिलवालों को ठोकते रहते हैं.

  3. ज्ञानदत्त पाण्डेय | G.D.Pandey 21 मार्च, 2009

    अब यह मेरा नेगेटिविज्म ही है जो मैं सड़कों पर बढ़ने बाले कंजेशन को लेकर दुबला हो रहा हूं।
    यह कार क्रांति तो लायेगी ही!

  4. अविनाश वाचस्पति 21 मार्च, 2009

    सुनने में आया है कि नई सड़कें बनाई जा रही हैं
    जो कि रबर की होंगी और ज्‍यादा कारों के चलने पर
    स्‍वयं ही फैल कर चौड़ी हो जाया करेंगी जिससे नैनो
    चालकों को कठिनाई न हों वैसे आप इस संबंध में
    और नैनो की लांचिंग पर इस जुगलबंदी को दोबारा से
    पढ़ देख सकते हैं http://www.sahityashilpi.com/2008/09/blog-post_25.html

  5. kashish goswami 22 मार्च, 2009

    मैं आपकी बात से सहमत हूँ लेकिन..इस विषय पर संजय जी का एक लेख ''रतन टाटा का जनता को धोखा भी आपको पढना चाहिए..!!
    उसके तर्कों मे दम है

  6. Shastri 22 मार्च, 2009

    इस चौपहिये से हिन्दुस्तान में जरूर एक नई क्रांति आयगी. समाज का भला ही होगा!!

    आलेख द्वारा कई नई तकनीकी जानकारियां मिलीं.

    सस्नेह -- शास्त्री

  7. ताऊ रामपुरिया 22 मार्च, 2009

    बहुत बढिया जानकारी मुहैया करवाई आपने. शुभकामनाएं नैनो के लिये.

    रामराम.

  8. राज भाटिय़ा 22 मार्च, 2009

    रत्न टाटा को देश के भुखे नंगे लोग नही दिखे सडको पर ? पढे लिखे बेरोजगार नही दिखे, बस एक वाहन दिखा ओर उन्होने गरीब किसानो को मार कर या मरबा कर जमीन हसिल की ओर ......
    मेरा भारत महान. मुझे अगर साथ मे भी दो लाख रुपया दे तो मुझे नही चाहिये यह गरीबो के खुन से चलने वाली कार.
    धन्यवाद

  9. ड़ा.योगेन्द्र मणि कौशिक 26 मार्च, 2009

    लेख अच्छा है।लेकिन टाटा का वादा एक लाख में कार का था लेकिन यह नैनों एक लाख में नहीं मिल पाऐगी।इसलिऐ यह नेताओं के लुभावने वादॊ से काफी मेल खाती है ।जै हो ...!नैनों अभी तो नैनोऒ को भाई है देखते हैं दिलों को कितना भाऐगी।

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