वर्गीय अणुव्रत

Posted: 03 नवंबर 2009
वर्गीय अणुव्रत


विद्यार्थी अणुव्रत
    मैं परीक्षा में अवैध उपायों का सहारा नहीं लूंगा
    मैं हिंसात्मक एवं तोड़फोड़ मूलक प्रवृतियों में भाग नहीं लूंगा
    मैं अशलीलद शब्दों का प्रयोग नहीं करूंगा, अशलील साहित्य नहीं पढूंगा तथा
    अशलील चलचित्र नहीं देखूंगा
    मैं मादक तथा नशीले पदार्थो का सेवन नहीं करूंगा
    मैं चुनाव के सम्बनध में अनैतिक आचरण नहीं करूंगा
    मैं दहेज से अनुबंधित एवं प्रदर्च्चन से युक्त विवाह नहीं करूंगा और न ऐसे
    किसी विवाह में भाग लूंगा
    मैं बड़े वृक्ष नहीं काटूंगा और प्रदुषण नहीं फैलाऊंगा


शिक्षक अणुव्रत

    मैं विद्यार्थी के बौद्धिक विकास के साथ चरित्र विकास में भी सहयोगी बनूंगा
    मैं विद्यार्थी को उतीर्ण करने में अवैध उपायों का सहारा नहीं लूंगा
    मैं अपने विद्यालय में दनगत रातनीति को प्रश्रय नहीं दूंगा और न ही इसके
    लिए विद्यार्थीयों को प्रोत्साहित करूंगा
    मैं मादक और नशीले पदार्थो का सेवन नहीं करूंगा
    मैं अणुव्रत प्रसार में अपना योग दूंगा
  
अधिकारी कर्मचारी अणुव्रत
    मैं रिश्‍वत नहीं लूंगा
    मैं अपने प्राप्त अधिकारों का अनुचित प्रयोग नहीं करूंगा
    मैं मादक और नशीले पदार्थों के सेवन नहीं करूंगा

प्रत्याशी अणुव्रत
    मैं प्रलोभन ओर भय से मत प्रापत नहीं करूंगा
    मैं प्रतिपक्षी प्रत्याशी का चरित्र हनन नहीं करूंगा
    मैं मतदान और मतगणना के समय अवैध तरीकों को काम नहीं लूंगा

मतदाता अणुव्रत
    मैं प्रलोभन और भय से मतदान नहीं करूंगा
    मैं जाली नाम से मतदान नहीं करूंगा

व्यापारी अणुव्रत
    मैं खाद्य पदार्थ में मिलावट कर या नकली को असली बताकर नहीं बेचूंगा
    मैं तोल माप में कमी बेशी नहीं करूंगा
    मैं राज्य निषिद्ध वस्तु का व्यापार और आयात निर्यात नहीं करूंगा, तस्करी
    नहीं करूंगा
    मैं सौंपी या धरी वस्तु को लौटाने से इन्कार नहीं करूंगा
    मैं जमाखोरी नहीं करूंगा
by terapanthinfo

7 comments:

  1. Udan Tashtari 03 नवंबर, 2009

    ब्लॉगर अणुव्रत भी लिख डालते तो सुविधा रहती. :)

  2. शरद कोकास 03 नवंबर, 2009

    समीर लाल जी के सुझाव से पूरी तरह सहमत । क्योंकि इनमे से मतदाता के अलावा हम कुछ नहीं ।

  3. अजित वडनेरकर 04 नवंबर, 2009

    धन्यवाद

  4. Gyan Dutt Pandey 04 नवंबर, 2009

    सुन्दर; सदाचरण का मैग्ना-कार्टा!

  5. ताऊ रामपुरिया 04 नवंबर, 2009

    सुंदर बहुत सुंदर लिखा.

    रामराम.

  6. राज भाटिय़ा 04 नवंबर, 2009

    बहुत सुंदर विचार बताये आप ने .धन्यवाद

  7. Ashish Khandelwal 05 नवंबर, 2009

    Great thoughts

    Happy Blogging

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